धारा 288 का पूरा टेक्स्ट (Bare Act) :-
(विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरण)
जो कोई किसी विस्फोटक पदार्थ से, कोई कार्य ऐसे उतावलेपन या उपेक्षा से करेगा, जिससे मानव जीवन संकटापन्न हो जाए या जिससे किसी अन्य व्यक्ति को उपहति या क्षति कारित होना सम्भाव्य हो, या अपने कब्जे में की किसी विस्फोटक पदार्थ की ऐसी व्यवस्था करने का, जैसी ऐसे पदार्थ से मानव जीवन को अधिसम्भाव्य संकट से बचाने के लिए पर्याप्त हो. जानते हुए या उपेक्षापूर्वक लोप करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।
📜 BNS धारा 288 — विस्फोटक पदार्थ के साथ लापरवाही :-
धारा का नाम:
धारा 288 — विस्फोटक पदार्थ के संदर्भ में लापरवाहीपूर्ण व्यवहार
📘 धारा का मूल अर्थ :-
★ BNS की धारा 288 ऐसे कामों को अपराध मानती है, जिसमें कोई व्यक्ति किसी विस्फोटक पदार्थ को इस तरह लापरवाही या गैर-जिम्मेदाराना तरीके से इस्तेमाल करता है कि इससे इंसानी ज़िंदगी खतरे में पड़ जाए, या नुकसान या चोट लगने की संभावना बढ़ जाए।
★ यह सेक्शन सिर्फ़ तभी लागू नहीं होता जब कोई व्यक्ति जानबूझकर नुकसान पहुंचाना चाहता है; यह लापरवाही वाले कामों या सुरक्षा सावधानियों की कमी को भी सज़ा के लायक मानता है।
⚖️ धारा 288 में क्या शामिल है ? :-
🔹 लापरवाही से काम करना:
कोई भी व्यक्ति जो विस्फोटक पदार्थ के साथ इतनी लापरवाही से कार्य करता है कि किसी के जीवन को खतरा हो सकता है, वह इस धारा के अंतर्गत आता है।
🔹 सुरक्षा उपाय नहीं करना:
अगर किसी व्यक्ति के पास विस्फोटक सामग्री है और वह ज़रूरी सुरक्षा उपाय नहीं करता है, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है, तो उसे भी सज़ा मिल सकती है।
🔹 सिर्फ़ जोखिम की संभावना ही काफ़ी है:
यह ज़रूरी नहीं है कि किसी को सच में चोट लगी हो या नुकसान हुआ हो — सिर्फ़ संभावना ही अपराध की भावना पैदा करती है।
⚖️ दंड (Punishment) :-
सजा:- 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों
अपराध:- संज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- कोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए समझौता नहीं किया जा सकता हैं।
■ ये दंड कानून द्वारा तय किये गये हैं ताकि लोग विस्फोटक पदार्थों के साथ सुरक्षित व्यवहार करें और किसी भी अप्रिय घटना से पहले ही रोक लग सके।
📌 धारा का उद्देश्य :-
इस धारा का मुख्य मकसद लोगों की सुरक्षा पक्का करना है। पटाखे, विस्फोटक केमिकल, या कोई भी दूसरा विस्फोटक पदार्थ, अगर लापरवाही से इस्तेमाल या स्टोर किया जाता है, तो यह लोगों की जान और माल के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए, ऐसी लापरवाही को एक आपराधिक अपराध माना गया है।
🔍 उदाहरण (कल्पित) :-
📍 उदाहरण 1:अगर कोई व्यक्ति बिना सुरक्षा सावधानियां बरते किसी सार्वजनिक जगह पर पटाखे जलाता है, और वहां लोग मौजूद हैं, तो यह लापरवाही इस धारा के तहत एक अपराध मानी जाएगी।
📍 उदाहरण 2 :- कोई दुकान मालिक बिना आवश्यक सुरक्षा इंतज़ाम किये विस्फोटक सामग्री को किसी भीड़-भाड़ वाली दुकान में रखता है — यह भी धारा 288 का उदाहरण है।
🧠 कैंसे समझें इस धारा को ? :-
● यह धारा इरादे (intent) पर नहीं, बल्कि लापरवाही (negligence) पर आधारित है।
● अगर किसी कार्य से मानव जीवन को खतरा हो सकता है, तो उस कार्य को रोकना या सुरक्षित करना जरूरी है।
● धारा 288 अपराध तब भी माना जाता है जब कोई व्यक्ति सुरक्षा उपाय नहीं करता, जिससे खतरा उत्पन्न होने की संभावना रहती है।
📍 निष्कर्ष :-
BNS की धारा 288 का मकसद यह पक्का करना है कि विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल और स्टोरेज सावधानी और सुरक्षित तरीके से किया जाए। विस्फोटक पदार्थों के इस्तेमाल से दूसरों की जान को खतरे में डालने वाला कोई भी लापरवाही भरा काम कानून के तहत दंडनीय है।
(IPC) की धारा 286 को (BNS) की धारा 288 में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है |
अस्वीकरण: सलाह सहित यह प्रारूप केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है. यह किसी भी तरह से योग्य अधिवक्ता राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने अधिवक्ता से परामर्श करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है

